Tum Nastik Kyon Rahe Bhagat Singh!
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ISBN 978-9334517750 (ISBN Edition: E-Book 2026)
- GGKEY: K87RK245X80 /ASIN : B0B2L3QWZF (First Published Digitally 2022)
- टाईटल : तुम नास्तिक क्यों रहे भगत सिंह!
- Title : Tum Nastik Kyon Rahe Bhagat Singh!
- Author : Harsh Ranjan
- Publisher : Edition: E-Book: Self Published (2022)
- Publisher : Editon: ISBN Edition E-Book: Self Published (2026)
- Language : Hindi
- Print length: 31 pages
- One complete Analysis
- Versions : E-Book
- Non-Fiction
Description
‘तुम नास्तिक क्यों रहे भगत सिंह!’ से उद्धृत
महापुरुषों के साथ हमेशा एक विडम्बना रही है कि उन्हें उनके बाद एक तस्वीर बना दिया जाता है। तसवीरों के साथ एक समस्या ये रहती है कि उन्हें दीवार पर टांगा जाता है और वो जानने से ज्यादा देखने की चीज हो जाते हैं। एक और बड़ी समस्या ये है कि इन तसवीरों के पीछे अक्सर आपको छिपकलियाँ मिलेंगी।
भारत में माने गए हर-एक महापुरुष के साथ ये सत्य है कि आज उनकी तस्वीर के पीछे झुंड की झुंड छिपकलियाँ छिपी हुई हैं। जो तस्वीर जितनी बड़ी होती है उसके पीछे छिपे छिपकलियों के झुंड उतने बड़े होते हैं।
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