Swarg Kee Seedhi
Description
‘स्वर्ग की सीढ़ी’ से उद्धृत
पिछले दिनों राजनैतिक गलियारों में, साहित्य के बाज़ारों में और विचारों के धर्मयुद्धों में एक बात बड़े ज़ोर-शोर से निकली वो थी, हिन्दू धर्म का स्वरूप, सनातन धर्म का स्वरूप! जब बात होती है तो कई लोग अपनी बात का वजन बढ़ाने के लिए कुछ करतब जरूर करते हैं। ऐसे ही करतब तब खेले गए। लोगों ने हिन्दू धर्म को हिन्दुत्व से अलग किया और हिन्दुत्व को हिंदूइज़्म से अलग कर दिया। सबके अपने तर्क थे।
कुछ राजनैतिक गुटों को हिंदुत्ववादी बताया गया, कुछ ने हिंदूइज़्म ले लिया और हिन्दू धर्म को बगल कर दिया।
आज हालांकि वो चर्चा शांत हो चुकी है पर आज समय है कि हम अपने आप को, हमें हम बनाने वाली हर एक बात को गौर से देखें और उसपर चर्चा करें।
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