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20Mar 26

सरफरोश

बचपन से मैं देखता रहा,एक कोठा, ऊंचा, अपने घर के आगे!जिसने भरसक हवा, धूप और संसार कोमेरे ओझल रखा।बचपन में मेरी जिद पर माँ कहती,कोठे से बुढ्ढा आएगा और मुझे…

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28Jan 26

अंधा कानून

"मुद्दा गर्म है, आपने अगर कहा है तो मुझे भी लगता है कि सशक्तिकरण गलत टर्म है!" उस आदमी ने मेरी जिह्वा घिस जाने के बाद, मानो सांत्वना पुरस्कार दिया…

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05Oct 21

उत्तरदायित्व

अच्छे बेटे माँ-बाप के साथ संस्कृति-सभ्यता, समाज की समझ के लिए एक नवीन खोज की एक प्रयोगशाला होते हैं, माँ-बाप अपने रग के खून अपनी उम्र के जुनून को टटोलते…

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04Oct 21

बार्बी फ़ॉर सेल

बहुत खूबसूरत लड़कियाँ! अक्सर दुख झेलती हैं! उन्हें लगता है कि वो सब कुछ खरीद सकती हैं, फिर एक रात वो खुद खरीद ली जाती हैं! ठहरो! सुनो! तुमने जिसे…

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24Sep 21

जून सेशन 2012

एक अकेला आदमी उम्मीद के साथ खड़ा है मैं आदतन उसके पीछे खड़ा हो रहा हूँ। न! ये उसकी, मेरी या हमारी मजबूरी नहीं है। एक अकेली आस को जिंदा…

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22Sep 21

सवेरा कहीं और है

हवा में तैरते सत्य को मैंने पन्ने पर रख दिया, पन्ना आदतवश हर सड़क, गली, नुक्कड़ उसे पेश कर आया। लोगों को लगता है कि एक तमंचा लेकर घर से…

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14Sep 21

हिंदी दिवस और मेरी साइट का लोकार्पण

ॐ नमः शिवाय। हिंदी दिवस मुझे वर्तमान परिपेक्ष्य में हमेशा अधूरा लगा है। ये दिन मुझे भान कराता है कि कैसे कलियुग में हर अच्छाई, बुराई या कि चुनौती बनती…

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09Sep 21

ॐ नमः शिवाय!

ॐ नमः शिवाय! श्री हरि! वक्रतुंड महाकाय! सूर्यकोटी संप्रभ! निर्विघ्नम कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा!  

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