Aadhi-Adhoori Saadhnayen: Eeti
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ISBN 978-93-5996-926-8 (ISBN Edition: E-Book 2026)
- GGKEY: ZN3L0EY695U / ASIN: B0C4V89ZBD (First Published Digitally 2023)
- टाईटल : आधी-अधूरी साधनाएं : इति
- Title : Aadhi-Adhoori Saadhnayen : Eeti
- Author : Harsh Ranjan
- Publisher : Editon: E-Book: Self Published (2026)
- Publisher : Editon: ISBN Edition E-Book: Self Published (2026)
- Language : Hindi
- Print length: 180+ pages
- Second and Last Part of Novel, Aadhi-Adhoori Saadhnayen Series
- Versions : E-Book
- Fiction
Description
‘ आधी-अधूरी साधनाएं :इति ‘ से उद्धृत
कितनी साधनाएं की… कीं… करके आधी-अधूरी छोड़ी। अब जब चयन का मौका आया है तो कहना पड़ेगा कि अगर आज इस कर्तव्य को नहीं पकड़ा तो कल क्या होगा? कभी कर्तव्यों के लिए अतिरिक्त तौर पर कुछ नहीं किया था और देर-सवेर ही सही पर सारे कर्तव्य निभ ही गए। कभी विफल नहीं कहलाया हालांकि कभी सफल भी नहीं कहा किसी ने! सारी ज़िंदगी सपनों के पीछे भागा! वो सपने तो कभी करीब नहीं आए…आज तक इतनी ज़िंदगी तो दे दी ही।
पता नहीं आज ज़िंदगी कर्तव्यों से थक गयी या फिर सपनों के बोझ से? जो भी हो पर शायद फिर से थकान से उबरना होगा…कभी किसी सपने को सही धरातल नहीं मिला! आज भी पता नहीं कि वो प्रोपर चैनल मिले न मिले पर इस कर्तव्य को हाथ में लेना होगा! न चाहकर भी आज तक हर कर्तव्य पूरे किए हैं और हर कर्तव्य के पाँव के नीचे कोई न कोई साधना खंडित हुई है। ये आज की नहीं ये ज़िंदगी की कहानी है और हाँ! मैंने आज ये भी लिख दी है।
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