Raat Aapke Shahar Mein
- ISBN 978-93-5937-184-9 (ISBN Edition: E-Book 2026)
- ISBN 9789360560294 (Editon: 2024: Pushp Prakashan: Paperback)
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GGKEY: 2LK9KE53EPH / ASIN: B0CJ82XRXV (First Published Digitally 2023)
- टाईटल : एडिशन: ई-बुक: रात आपके शहर में
- टाईटल : एडिशन: पेपरबैक: रात आपके शहर में
- Title : Editon: E-Book: Raat Aapke Shahar Mein
- Title : Edition: Paperback: Raat Aapke Shahar Mein
- Author : Harsh Ranjan
- Publisher : Editon: E-Book: Self Published (2023)
- Publisher : Edition: Paperback: Pushp Prakashan (2024)
- Publisher : Editon: ISBN Edition E-Book: Self Published (2026)
- Language : Hindi
- Print length: 150+ pages
- Whole Novel,
- Versions : E-Book & Paperback
- E-Book Edition available on Kindle/Google
- Fiction
Description
‘रात आपके शहर में’ से उद्धृत
आपने नशा नहीं किया है उन लोगों की तरह जिन्हें आप देखकर आ रहे हैं, वो अपने आप को भूल चुके हैं पर आपकी सच्चाई आपका पीछा करती रही है। आप खुद को भूल नहीं सकते हैं, आप अपने हालातों को भूल नहीं सकते हैं। आपके दिमाग पर इन सस्ते नशों का कोई असर नहीं होता क्योंकि आपका दिमाग अधिक ताकतवर मशीन है। आप केवल अनुभव कर सकते हैं एक दुख, एक कष्ट, एक भाग्यहीनता जिसकी अनुभूतियों को रात भर के लिए टाला गया है। सब की छोड़ दीजिये पर आप इस निराशा के आगे नतमस्तक हैं, आप इस सन्नाटे में टूट रहे हैं। जिन्दगी आपसे कोसों दूर है और आप इस लँगड़े घोड़े पर दांव लगा बैठे हैं। कुछ शारीरिक जरूरतें हैं जो नहीं समझती कि आस-पास सन्नाटे के अलावा और कुछ नहीं बसता।
शरीर नहीं समझता है, मन पता नहीं क्या ढूँढता है। नजर के आगे रानी आ जाती है पर हाथों से बहुत दूर ….
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