Saathi : साथी
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ISBN 978-9334508291 (ISBN Edition: E-Book 2026)
- ISBN 9788193827154 (First Published Digitally/Paperback 2018)
- टाईटल : एडिशन: ई-बुक: साथी
- टाईटल : एडिशन: पेपरबैक: साथी
- Title : Edition : E-Book: Saathi
- Title : Edition: Paperback: Saathi
- Author : Harsh Ranjan
- Publisher : Edition: E-Book/Paperback: Author’s Ink Publications (2018)
- Publisher : Editon: ISBN Edition E-Book: Self Published (2026)
- Language : Hindi
- Print length : 125 pages almost
- Poetry Collection
- Versions : E-Book and Paperback
- E-Book & Paperback Edition available on Amazon/Google
Description
‘फाल्गुन की हवा’ शीर्षक कविता से उद्धृत:
फाल्गुन की हवा
आते हैं
और
आते रहेंगे-
हर साल
ये फाल्गुन की हवाऐ
जेठ की दुपहरी
आषाढ के बादल
भाद्र की फुहार
और
काँपती-कँपकँपाती
पूस की पछिया बयार…
हर बार एक परदेसी कोई
आएगा,
लौटकर अपने देस;
झांकेगा,
ताकेगा,
हर गली-हर मुहल्ला
लिए,
दबाए,
छाती में
हूक एक…
हर साल, हर बार
जो आएगा,
झांकता जाएगा,
थोड़ा घबराकर,
थोड़ा ठहरकर,
सरसरी निगाहो से
या कि
संग लंबी आहो के
ये राहे …ये चौराहे,
आ बैठेगा फिर
कोई
हर साल, हर बार
मन के आंगन मे …
चुप…चुप…चुप…
एक अनकहा आश्वासन
देंगे वो, पाएंगे हम ,
थामे रखना!
आएंगे ही हम
बाँटने ये सब-कुछ
हर साल-हर बार…..
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