Ab Laut Aao Pooja/Laut Aao Pooja: अब लौट आओ पूजा /लौट आओ पूजा
-
ISBN 978-93-6068-264-4 (ISBN Edition: E-Book 2026)
- ISBN 9788196743444 (Editon: 2023: Pushp Prakashan: Paperback)
-
GGKEY: LTTW0EB4UJ1 / ASIN: B08CT71TVS (First Published Digitally 2020)
- टाईटल : एडिशन: ई-बुक: अब लौट आओ पूजा
- टाईटल : एडिशन: पेपरबैक: लौट आओ पूजा
- Title : Edition: E-Book: Ab Laut Aao Pooja
- Title : Edition: Paperback: Laut Aao Pooja
- Author : Harsh Ranjan
- Publisher : Edition: E-Book: Self-Published (2020)
- Publisher : Edition: Paperback: Pushp Prakashan (2023)
- Publisher : Editon: ISBN Edition E-Book: Self Published (2026)
- Language : Hindi
- Print length: 221 page
- One complete Novel
- Versions : E-Book & Paperback
- E-Book Edition available on Kindle/Google
- Fiction
Description
‘ अब लौट आओ पूजा ‘
सब को पता था कि जिस कमजोरी को लेकर लोग समाज सेवा का नाटक करते हैं, उसी बात को लेकर कल वो मृत्युंजय की आलोचना करेंगे। जो लोग अपने परिवार को बचाने के लिए समझ और साहस नहीं जुटा पाये, वो समाज को क्या बचाएंगे! वो खुद को भी धोखा देते हैं और समाज को भी! भगवान और भक्त मन किसी से धोखा नहीं खा सकता पर दुनिया के कई लोग इस प्रपंच में आ जाते हैं!
– मैं एक नयी पहचान बनाने जा रहा हूँ हम सबकी। अकेले आगे बढ़ने का कोई मतलब नहीं है, मतलब इसका है कि क्या हम अपनों को लेकर आगे आये है या छोड़कर। मैं अगर अपनों को नहीं बना सकता तो दुनिया को बदल पाना एक इंसान के रूप में मेरे लिए मेरा आडंबर है या तो मेरा भ्रम है! पहले मैं खुद को खड़ा कर लूँ फिर दुनिया के लिए कुछ करने के लायक हो पाऊँगा! मेरी सारी बातें इसके बिना वाग्विलास हैं, मेरा सारा प्रयास इसके बिना अपवित्र, अर्थहीन और गरिमाहीन है! इंसान के रूपधारी, अगर हम ईमानदार आत्मीय है तो हमारी कमाई का हिस्सा उन्हें भी देना होगा, जिनहोने हमारी राह में कष्ट झेला । यही तो देखना है कि असल में मैंने कितना कमाया। मुझे हाड़-मांस का इंसान ही साबित होना है अंत में, अंत में मैं इंसान की ही कसौटी पर परखा जाऊंगा! इसलिए इंसान बनकर ही जीऊँगा आगे!
You must be logged in to post a review.







Reviews
There are no reviews yet.